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Thursday, 29 December 2016

पटवा जी अजेय योद्धा थे, उनके पद चिन्हों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी

पटवा जी अजेय योद्धा थे, उनके पद चिन्हों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, संगठन के स्तंभ राजनीति के पुरोधा श्री सुंदरलाल पटवा का पार्थिव शरीर हजारों की संख्या में जनसमुदाय के बीच कुकड़ेश्वर में पंचतत्व में विलीन हुआ। पूर्व उपप्रधानमंत्री श्री लालकृष्ण आडवाणी, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह कार्यवाह श्री सुरेश सोनी, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री श्री रामलाल जी, मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सहित केन्द्रीय मंत्री, पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता अंत्येष्टि में शामिल हुए। मुखाग्नि उनके भाई श्री संपतलाल पटवा, श्री समरथलाल पटवा, डॉ. विनोद पटवा एवं श्री सुरेन्द्र पटवा ने दी। श्री पटवा की अंतिम यात्रा उनके निज निवास फुलवारी से पटवा मांगलिक भवन होते हुए विश्राम घाट पहुंची। यात्रा मार्ग में हजारों की संख्या में आमजन ने पुष्पवर्षा कर स्व. सुंदरलाल पटवा को अंतिम विदाई दी।पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व उप प्रधानमंत्री श्री लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि श्री सुंदरलाल पटवा संगठन शिल्पी थे। संगठन गढ़ा और सबको साथ लेकर निरंतर संगठन और विचारों के प्रति निष्ठावान रहकर हमें सीख दे गए। उनके मन, क्रम, वचन और आचरण में दुर्लभ साम्य था जो हमेशा प्रेरणा कारक होता है। केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री सुश्री उमा भारती ने भावांजलि अर्पित करते हुए कहा कि श्री संुदरलाल पटवा का राजनैतिक जीवन एक तपस्या और साधना का समग्र संगम है। उन्होंने सर्वथा प्रतिकूलता के दौर में साहस को ईमान की तरह संजोया। पराजय बोध फटकने नहीं दिया। कठिनतम परिस्थितियों में एक राजनैतिक कार्यकर्ता का मनोबल कितना बुलंद रह सकता है जीकर दिखाया। कार्यकर्ता उनके जीवन से निर्भीकता, साहस और पराक्रम की सीख लेंगे यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ की जनता और सरकार की ओर से दिवंगत नेता को श्रद्धासुमन अर्पित किए और शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। डाॅ. रमन सिंह ने कहा कि पटवा जी ने हमारे जैसे लाखों कार्यकर्ताओं को अंगुली पकड़कर चलना सिखाया। कार्यकर्ताओं की पीढ़ियों का उन्होंने निर्माण किया और काबिल बनाया। जिन्होंने राजनीति में अपना मुकाम बनाकर संगठन की कीर्ति को विस्तार दिया है। कार्यकर्ताओं में भरोसा और आत्मविश्वास जगाने की कला पटवाजी से सीखना होगी, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

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