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Tuesday, 3 January 2017

2016 की उपलब्धियों के लिये बधाई और 2017 की प्राथमिकताएँ तय

2016 की उपलब्धियों के लिये बधाई और 2017 की प्राथमिकताएँ तय

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय में सभी मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों, विभाग प्रमुखों की संयुक्त बैठक में नए वर्ष की प्राथमिकताओं पर चर्चा करते हुए विभागों को प्राथमिकताएँ तय करने के निर्देश दिए।श्री चौहान ने कहा कि 2017 अत्यंत महत्वपूर्ण वर्ष है। इस वर्ष प्रदेश सहित पूरे देश में एक नए वातावरण का निर्माण हुआ है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के कायाकल्प का अभियान शुरू किया है। मध्यप्रदेश इसमें हरसंभव योगदान देगा। उन्होंने कहा कि सुशासन, विकास और जन-कल्याण पर फोकस रहेगा। भ्रष्टाचार किसी भी स्तर और किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभागों में भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर विभागीय मंत्री को भी जिम्मेदार ठहराया जायेगा। भ्रष्टाचार के प्रति पूरी तरह जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जायेगी। चेतावनी के बाद भी भ्रष्टाचार में लिप्त रहने वाले अधिकारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया जायेगा।श्री चौहान ने कहा कि विजन डाक्यूमेंट 2018 और संकल्प पत्र 2013 नये वर्ष के लिये मार्गदर्शी दस्तावेज रहेंगे। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिये कि वे इन दो मार्गदर्शी दस्तावेज के अनुसार विभागीय गतिविधियों की समीक्षा करें और नए साल की प्राथमिकताएँ तय करें।श्री चौहान ने अधिकारियों को नववर्ष की बधाई दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 उपलब्धियों से भरा वर्ष था। सिंहस्थ और वैचारिक कुंभ का सफल आयोजन हुआ। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन हुआ। प्रदेश को चौथी बार कृषि कर्मण अवार्ड मिला। प्रधानमंत्री ने फसल बीमा योजना की शुरूआत प्रदेश से की। इसके अलावा ग्रामोदय से भारत उदय अभियान सफलता से संचालित हुआ। आनंद मंत्रालय का गठन हुआ जिसकी सर्वत्र प्रशंसा हुई और स्मार्ट सिटी का काम शुरू हुआ। नर्मदा सेवा यात्रा का शुभारंभ, जल महोत्सव और गरीब कल्याण योजनाओं के प्रशिक्षण का आयोजन प्रमुख उपलब्धियाँ रही।मुख्यमंत्री ने कहा कि सी.एम. हेल्पलाईन 181 और लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम सुशासन के महत्वपूर्ण उपकरण हैं। इनके क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे भ्रष्टाचार की संभावनाओं को खत्म करने के लिए कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा दें। विभागीय प्रक्रियाओं और व्यवस्थाओं में पूरी तरह पारदर्शिता लायें। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कैशलेस ट्रांजेक्शन के क्षेत्र में पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत कर सकता है।आनंद मंत्रालय की गतिविधियों और कार्य-योजना के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों में इसकी गतिविधियाँ 14 जनवरी से शुरू होंगी। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे जरूरतमंद लोगों को मदद देने के तरीकों पर भी विचार करें। उन्होंने कहा कि दूसरों का हित करने में मनुष्य को स्वाभाविक खुशी मिलती है। इस आधार पर अनूठी प्रक्रियाएँ और योजनाएँ बनाने के संबंध में भी विभाग विचार करें।मुख्यमंत्री ने 'नमामि देवी नर्मदे''-सेवा यात्रा में सभी विभागों को भागीदारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों और जन-चेतना के साथ नदी संरक्षण का यह अनूठा अभियान है। मध्यप्रदेश इस दिशा में वैश्विक उदाहरण प्रस्तुत कर सकता है।

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