भारतीय सैनिक चंदू चव्हाण को भारत को सौंपने के बाद उनके गांव में जश्न का माहौल है.
स्थानीय पत्रकार संजय तिवारी ने यह जानकारी दी है.
पाकिस्तान पर भारत के कथित सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से ही चंदू चव्हाण 'लापता' बताए जा रहे थे.
तिवारी ने बताया कि चंदू के गांव के लोग लोग आतिशबाजी कर रहे हैं, मिठाइयां बांट रहे हैं और एक दूसरे से गले मिल रहे हैं. उनके नाना सीडी पाटिल बेहद खुश हैं. उन्होंने कहा कि गांव का बेटा वापस आ रहा है, इससे बड़ी कोई बात नहीं हो सकती.
उन्होंने
इसके लिए सरकार को धन्यवाद कहा है. पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री, विदेश
मंत्री और रक्षा मंत्री ने उन्हें चंदू की रिहाई का भरोसा दिया था और अब
चंदू वापस आ रहे हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि चंदू की नानी की मौत के
बाद उनकी अस्थियां नदी में विर्सजित नहीं की गई हैं. नानी की इच्छा थी कि
यह काम चंदू ही करें. अब उनकी यह इच्छा पूरी हो सकेगी.
चंदू के बड़े भाई भूषण ने बीबीसी से कहा, "माता पिता नहीं होने से नाना-नानी ने हम दोनों भाइयों और बहन का पालन-पोषण किया."
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