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Thursday, 19 January 2017

इजराईल और मध्यप्रदेश कृषि, सिंचाई, जल प्रबंधन और फ्लोरीकल्चर के क्षेत्र में सहयोग करेंगे

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि इजराईल और मध्यप्रदेश कृषि, सिंचाई, जल प्रबंधन और फ्लोरीकल्चर के क्षेत्र में सहयोग कर सकते हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने यह बात आज यहाँ इजराईल के राजदूत श्री डेनियल कार्मोन से मुलाकात के दौरान कही।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि इजराईल रक्षा क्षेत्र में भी सहयोग कर सकता है। केन्द्र सरकार की रक्षा उत्पादन नीति के तहत मध्यप्रदेश रक्षा नीति बनाने वाला पहला प्रदेश है। प्रदेश के जबलपुर और ग्वालियर इसके लिये उपयुक्त स्थान है। उन्होंने कहा कि इजराईल और भारत के ऐतिहासिक और मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। इजराईल ने कठिन परिस्थितियों में एक राष्ट्र के रूप में विकास किया है। इजराईल की देशभक्ति प्रेरणा देती है। मध्यप्रदेश भी इसी रूप में इजराईल को देखता है। मध्यप्रदेश देश का सबसे तेजी से विकसित होता प्रदेश है। प्रदेश की कृषि विकास दर लगातार चार वर्ष से 20 प्रतिशत से अधिक है। इजराईल द्वारा कृषि और जल प्रबंधन के क्षेत्र में किये गये कार्य दुनिया में उदाहरण हैं। कम पानी में ज्यादा सिंचाई इजराईल से सीखी जा सकती है। मध्यप्रदेश में पानी के बेहतर इस्तेमाल के लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश की विकास दर लगातार आठ वर्षों से दस प्रतिशत से अधिक है। कृषि, सिंचाई और अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में तेजी से काम किये जा रहे हैं। प्रदेश में सामाजिक दायित्व पूरा करने के लिये विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। दुनिया का सबसे बड़ा नदी संरक्षण अभियान 'नर्मदा सेवा यात्रा' प्रदेश में शुरू किया गया है, जिसमें समाज और सरकार मिलकर नर्मदा को प्रदूषणमुक्त बनाने का अभियान चला रहे हैं। आनंद विभाग गठित करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला प्रदेश है। भारत में प्राचीन समय से माना जाता है कि आनंद पैसे से नहीं आता यह आत्मिक वस्तु है। हाल ही में प्रदेश में आनंदम कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसमें जिसके पास जरूरत से ज्यादा वस्तुएँ हैं वह दे जाये और जिसे जरूरत है वह ले जाये। इस व्यवस्था को धीरे-धीरे पंचायत स्तर तक शुरू किया जायेगा।
सीहोर और शाजापुर जिलों में दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
इजराईल के राजदूत श्री कार्मोन ने कहा कि इजराईल ऐसा देश है जिसे विपरीत परिस्थितियों में राष्ट्र निर्माण का अनुभव है। राष्ट्र के रूप में प्राथमिकताएँ तय हैं। भारत से बेहतर संबंध इजराईल की प्राथमिकताओं में है। दोनों देशों के बीच सहयोग के लिये प्राथमिकताओं वाले क्षेत्र चिन्हित किये गये हैं। इसमें रक्षा, कृषि, सिंचाई, जल प्रबंधन, नगरीय विकास और रिसाईकलिंग शामिल हैं। इजराईल भारत के विभिन्न प्रदेशों में उद्यानिकी क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित कर रहा है। इसमें मध्यप्रदेश के सीहोर और शाजापुर जिलों में दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किये जायेंगे। इजराईल की प्रतिबद्धता भारत के साथ काम करने, सीखने और सहयोग करने की है।

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