उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पिता से
समाजवादी पार्टी पर वर्चस्व की कानूनी लड़ाई जीत ली है. पर सत्ता में वापसी
की असली लड़ाई अभी बाकी है.
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को कांग्रेस से गठबंधन के साथ-साथ अपने परिवार और पार्टी के भीतर भी तालमेल बिठाना होगा.
अखिलेश को मुख्यमंत्री की कुर्सी पिता की कृपा से मिली थी, जबकि पार्टी अध्यक्ष का पद उन्होंने लड़कर हासिल किया.
अभी तक वह पिता की विरासत पर एकाधिकार के लिए लड़ रहे थे, अब उन्हें अपने नेतृत्व की क्षमता सिद्ध करनी है .
इस दिशा में अखिलेश यादव की पहली चुनौती एक मजबूत और जीतने वाला गठबंधन तैयार करना है.
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को कांग्रेस से गठबंधन के साथ-साथ अपने परिवार और पार्टी के भीतर भी तालमेल बिठाना होगा.
अखिलेश को मुख्यमंत्री की कुर्सी पिता की कृपा से मिली थी, जबकि पार्टी अध्यक्ष का पद उन्होंने लड़कर हासिल किया.
अभी तक वह पिता की विरासत पर एकाधिकार के लिए लड़ रहे थे, अब उन्हें अपने नेतृत्व की क्षमता सिद्ध करनी है .
इस दिशा में अखिलेश यादव की पहली चुनौती एक मजबूत और जीतने वाला गठबंधन तैयार करना है.

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