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Wednesday, 25 July 2018

मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में जोरदार बारिश, कई नदियां उफान पर,

मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में जोरदार बारिश, कई नदियां उफान पर,

प्रदेश के अधिकाँश इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी है| पिछले दो दिनों में कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई है, जिसके चलते नदी नाले उफान पर है वहीं बांधों का जलस्तर भी बढ़ गया है| बुधवार को राजधानी भोपाल सहित आसपास के इलाकों में सुबह से रुक रुककर बारिश हो रही है| मौसम खुशनमा बना हुआ है| वहीं चंबल और ग्वालियर संभाग के कई जिलों में तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है|
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। इसमें ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल संभाग के जिले शामिल हैं। एमपी में अगले 24 घंटो के दौरान उज्जैन,ग्वालियर, शाजापुर, भिंड, पन्ना, श्योपुरकलां, दतिया, डिंडोरी, अनूपपुर, रीवाल बालाघाट, सतना, आगर, मंदसौर और नीमच जिलों में भारी बारिश हो सकती है तो इसके अलावा उज्जैन, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, जबलपुर, शहडोल, रीवा और होशंगाबाद संभाग के जिलों में वर्षा या गरज चमक के साथ बौछारें होने का भी पूर्वानुमान लगाया गया है।
इस कारण हो रही अच्छी बारिश
मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक उत्तर पश्चिम मध्य प्रदेश एवं उसके आसपास सहित दक्षिण उत्तर प्रदेश में हवा के कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है और साथ ही हवा के ऊपरी हिस्से में 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक चक्रवाती हवा का घेरा बना हुआ है जिसके चलते पूरे मध्यप्रदेश में अच्छी बारिश हो रही है|
कई इलाकों में आफत की बारिश
प्रदेश के अधिकाँश हिस्सों में बारिश हो रही है| वहीं टीकमगढ़ में बारिश आफत बन चुकी है| भारी बारिश के कारण यहाँ नदी नाले उफान पर है, हर जगह पानी पानी दिखाई दे रहा है| लगात बारिश के चलते आसपास के जिलों में जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है|  पिछले 24 घंटे में दतिया जिले के भांडेर में सबसे ज्यादा 90 मिमी बारिश हुई। इंदौर संभाग के देपालपुर और झाबुआ में 30-30 मिमी बारिश दर्ज की गई।
बरगी डैम के सात गेट खोले, इन इलाकों में अलर्ट
इससे पहले मंगलवार को बरगी डैम के 7 गेट खोले गए| मंडला-डिंडौरी और आसपास के जिलों में लगातार बारिश से बरगी डैम का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। बरगी डैम में करीब 52 हजार 950 क्यूबिक फीट पानी प्रति सेकेंड प्रवेश कर रहा है। इसे देखते हुए प्रशासन ने मंगलवार शाम को डैम के 7 गेट खोल दिए।   इन सातों गेटों से हर घंटे 25 लाख 20 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बरगी डैम से छोड़ा गया पानी 4 घंटे में रात 8 बजे तक ग्वारीघाट पहुंच गया था। जिससे नर्मदा का यह तट पूरी तरह लबालब हो गया। फिलहाल बरगी डैम के 8 कैचमेंट एरिया से आ रहे पानी के फ्लो को देखते हुए गेट खुले ही रहेंगे।  डैम के निर्माण के बाद से अब तक वर्ष 2007, 08, 09 और 2015 व 17 में बारिश कम होने के कारण बरगी के एक भी गेट नहीं खोले गए। बरगी डैम से पानी छोड़े जाने से निचले क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बन सकती है। इनमे जबलपुर, सिवनी, नरसिंहपुर, होशंगाबाद, रायसेन, देवास, सिहोर, खंडवा और खरगोन जिले के तटवर्ती क्षेत्र शामिल हैं।

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