कई नोबेल पुरस्कार विजेताओं ने की मुख्यमंत्री श्री चौहान की पहल की प्रशंसा,अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहना
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा नर्मदा नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिये शुरू की गई नर्मदा सेवा यात्रा को शुरूआत से ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर समर्थन और सराहना मिल रही है। नोबल शांति पुरस्कार विजेता ईस्ट तिमोर के पूर्व राष्ट्रपति श्री जोस रामोस होर्ता, आध्यात्मिक गुरू श्री दलाई लामा, ब्राजील के श्रम न्यायालय के न्यायाधीश श्री लेलियो कार्टियो, ग्रामीण बैंक बांग्लादेश के सीईओ और नोबेल विजेता श्री रतन कुमार नाग और नोबल पुरस्कार विजेता श्री कैलाश सत्यार्थी ने यात्रा को अपना समर्थन देते हुए इसे नदी संरक्षण का अभूतपूर्व प्रयास बताया है। यह जानकारी आज यहाँ मंत्रालय में नर्मदा सेवा यात्रा की व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक में दी गई।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने यात्रा की व्यवस्थाओं के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि नर्मदा सेवा यात्रा को जन-समुदाय का अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है। लोग पूरी श्रद्धा और उत्साह से यात्रा में भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि नर्मदा सेवा यात्रा नदी संरक्षण का अभूतपूर्व जनांदोलन बनेगी। यह पूरे विश्व में अनूठा नदी संरक्षण अभियान साबित होगा। उन्होंने कहा कि जनता ने यात्रा की शुरुआत से ही इसे अपना नेतृत्व दिया है और यात्रियों के लिए आगे बढ़कर भोजन, भंडारे आदि की व्यवस्था कर रही है।मुख्यमंत्री ने यात्रा के लिए जगह-जगह मंच की व्यवस्था राज्य सरकार के स्तर से करने के निर्देश दिये। उन्होंने यात्रा के दौरान फलदार वृक्ष लगाने के लिये किसानों से भरवाये जाने वाले संकल्प पत्रों का प्रतिदिन अपडेट राज्य स्तर पर संकलित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण के लिए उद्यानिकी और वन विभाग मिलकर प्लांटेशन की रणनीति बनाएं। ऐसे वृक्षों के पौधों की नर्सरी तैयार करने का काम शुरू करें, जो मिट्टी का कटाव और पानी को रोकने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि प्लांटेशन के लिए सूक्ष्म नियोजन की आवश्यकता है। नर्मदा के किनारे की मिट्टी और किसानों के खेतों की मिट्टी का परीक्षण करा कर उन्हें उपयुक्त प्रजाति के पौधे, रोपण के लिए उपलब्ध करवाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे उद्यानिकी के क्षेत्र में वृद्धि होगी। कृषि जलवायु के अनुरूप पौधों का रोपण करने के निर्देश देते हुए प्लांटेशन के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखने वाले वन विभाग के अधिकारियों की टीम बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्लांटेशन का काम फरवरी, मार्च में शुरू करने की तैयारी रखें।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा नर्मदा नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिये शुरू की गई नर्मदा सेवा यात्रा को शुरूआत से ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर समर्थन और सराहना मिल रही है। नोबल शांति पुरस्कार विजेता ईस्ट तिमोर के पूर्व राष्ट्रपति श्री जोस रामोस होर्ता, आध्यात्मिक गुरू श्री दलाई लामा, ब्राजील के श्रम न्यायालय के न्यायाधीश श्री लेलियो कार्टियो, ग्रामीण बैंक बांग्लादेश के सीईओ और नोबेल विजेता श्री रतन कुमार नाग और नोबल पुरस्कार विजेता श्री कैलाश सत्यार्थी ने यात्रा को अपना समर्थन देते हुए इसे नदी संरक्षण का अभूतपूर्व प्रयास बताया है। यह जानकारी आज यहाँ मंत्रालय में नर्मदा सेवा यात्रा की व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक में दी गई।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने यात्रा की व्यवस्थाओं के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि नर्मदा सेवा यात्रा को जन-समुदाय का अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है। लोग पूरी श्रद्धा और उत्साह से यात्रा में भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि नर्मदा सेवा यात्रा नदी संरक्षण का अभूतपूर्व जनांदोलन बनेगी। यह पूरे विश्व में अनूठा नदी संरक्षण अभियान साबित होगा। उन्होंने कहा कि जनता ने यात्रा की शुरुआत से ही इसे अपना नेतृत्व दिया है और यात्रियों के लिए आगे बढ़कर भोजन, भंडारे आदि की व्यवस्था कर रही है।मुख्यमंत्री ने यात्रा के लिए जगह-जगह मंच की व्यवस्था राज्य सरकार के स्तर से करने के निर्देश दिये। उन्होंने यात्रा के दौरान फलदार वृक्ष लगाने के लिये किसानों से भरवाये जाने वाले संकल्प पत्रों का प्रतिदिन अपडेट राज्य स्तर पर संकलित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण के लिए उद्यानिकी और वन विभाग मिलकर प्लांटेशन की रणनीति बनाएं। ऐसे वृक्षों के पौधों की नर्सरी तैयार करने का काम शुरू करें, जो मिट्टी का कटाव और पानी को रोकने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि प्लांटेशन के लिए सूक्ष्म नियोजन की आवश्यकता है। नर्मदा के किनारे की मिट्टी और किसानों के खेतों की मिट्टी का परीक्षण करा कर उन्हें उपयुक्त प्रजाति के पौधे, रोपण के लिए उपलब्ध करवाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे उद्यानिकी के क्षेत्र में वृद्धि होगी। कृषि जलवायु के अनुरूप पौधों का रोपण करने के निर्देश देते हुए प्लांटेशन के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखने वाले वन विभाग के अधिकारियों की टीम बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्लांटेशन का काम फरवरी, मार्च में शुरू करने की तैयारी रखें।

No comments:
Write comments