दीनदयाल उपाध्याय शिक्षण वर्ग का तीसरा दिन,राष्ट्र सर्वोपरि के भाव से आज हम वैश्विक सम्मान के हकदार बने हैं- श्री व्ही सतीश जी
प्रथम सत्र में कार्यकर्ताओं का प्रबोधन करते हुए भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री श्री सतीश ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को आज जो शक्ति और सम्मान प्राप्त हो रहा है वह हमारी कार्यकर्ता आधारित कार्य पद्धति का परिणाम है जनसंघ से लेकर आजतक राष्ट्र सर्वोपरि के आधार पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अनवरत कार्य किया है। पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए स्वयं से बड़ी पार्टी और पार्टी से बड़ा राष्ट्र की अवधारणा चिरस्थाई रही ।हमारी कार्य पद्धति सतत व्यवहार का हिस्सा है इसलिए हमें सतत अभ्यास करना चाहिए कि हम परिणाममूलक समय अपने संगठन को कितना देते हैं ।इसका उत्तर स्वयं ही ढूंढना चाहिए। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने कहा था कि हमारे संगठन के कार्यकर्ता जन्मजात जीनियस हैं वह किसी की नकल नहीं करते और आज हम देखते हैं कि अपनी विचारधारा के आधार पर हम अपने कार्य में लगे रहे तो उसका परिणाम यह है कि आज भारत को सबसे अधिक शक्तिशाली सत्ता भाजपा ने दी है और विश्व में जो राष्ट्र अपने को महाशक्ति मानते थे और भारत को दोयम दर्जे का देश मानते थे वेआज भारत के प्रधानमंत्री का पलक पावडे बिछा कर स्वागत कर रहे हैं ।आज दुनिया में ऐसा कोई विषय नहीं है जहां भारत को स्थान न मिलता हो। ऐसा कोई मुद्दा नहीं है जिसमें भारत की राय महत्वपूर्ण नहीं मानी जाती हो भारत के प्रधान-मंत्री में यह आत्मबल उसी भाव से आया है जिसमें पार्टी ने राष्ट्र सर्वोपरि के नाम पर कभी कोई समझौता नहीं किया ।उन्होंने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया कि जो देश हित में है उसे करो और जो नहीं है उसे कतई मत करो ।मैंने कहा कि मनुष्य को स्वयं की चिंता करनी चाहिए और स्वयं से आगे जाकर समाज की चिंता करना चाहिए लेकिन उससे भी अधिक राष्ट्र की चिंता करनी चाहिए। और यही भाव मनुष्य तत्व से देवत्व की ओर ले जाता है। उन्होंने कहा कि मानवीय संबंध भावनाओं का ताना-बाना है इसलिए कार्यकर्ताओं को आपस में परिवार का वातावरण बनाना चाहिए ।आज हम देखते हैं कि प्रधानमंत्री जी ने मुख्यमंत्रियों की जो पहली बैठक की उसके बैनर पर लिखा हुआ था टीम इंडिया। कार्यकर्ताओं को अपने नेता की इस भावना को समझ कर नीचे तक अपनी सरकारों के कामकाज का ब्यौरा ले जाना चाहिए। आज पंचायत से पार्लियामेंट तक अनेक स्थानों पर हमारी सत्ता है ऐसे में हमारे सामाजिक दायित्व और बढ़ जाते हैं क्योंकि जिस मनोभावना से भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आई है वह सही अर्थों में अंत्योदय से पूरी होगी ।कार्यकर्ता को चाहिए कि आत्मीयता और सामूहिकता के आधार पर अपने कार्य को अंजाम दे ।शुभ कार्य की पहल किसी और को नहीं करनी स्वयं से ही करनी पड़ेगी ।आज से अभी से हमें यह करना चाहिए इससे स्वस्थ निर्णय प्रक्रिया का भी विकास होगा।

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