अखिलेश यादव मुख्यमंत्री पद छोड़ने की तैयारी में, मुलायम हो सकते हैं यूपी के अगले सीएम
समाजवादी पार्टी से निकाले जाने के बाद अखिलेश यादव मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। सूत्रों के अनुसार अखिलेश यादव ने सीएम पद छोड़ने की तैयारी कर ली है। वे प्रेस कांफ्रेंस कर इसका एलान कर सकते हैं। साथ ही बताया जा रहा है कि मुलायम सिंह यादव खुद यूपी के नए सीएम हो सकते हैं। सरकार की कमान मुलायम को सौंपने के लिए शिवपाल यादव समेत कई वरिष्ठ नेता पैरवी कर रहे हैं। शिवपाल तो काफी पहले से ही अखिलेश को सीएम बनाए जाने पर नाराजगी जाहिर करते रहे हैं। इसी बीच एक पक्ष यह भी कह रहा है कि यह सारा मामला सपा की बड़ी रणनीति का एक हिस्सा भी हो सकता है। इसके जरिए सपा विधानसभा चुनावा जल्दी कराने की नीति को आगे बढ़ा सकती है। पिछले दिनों मुलायम ने खुद कहा था कि 28 फरवरी से पहले चुनाव करा लिए जाएंगे। वर्तमान स्थितियों में ऐसी स्थिति बन भी गइ है।वहीं कई लोगों को मानना है कि सपा इस झगड़े के सहारे सियासी फायदा बटोरना चाहती है। पिछले दिनों भी रामगोपाल को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था लेकिन फिर उनकी वापसी भी हो गई थी। उस समय भी मुलायम और अखिलेश आमने-सामने थे। उस समय मुलायम और अखिलेश यादव की अनबन सरेआम हो गई थी। लेकिन कुछ दिनों बाद ही दोनों ओर से शांति हो गई और मामला ठंडा पड़ गया था। सपा को जानने वाले लोगों ने कहा था कि यह पारिवारिक लड़ाई है। चाहे कितना भी झगड़ा हो जाए दोनों रहेंगे साथ ही। लड़ाई वर्चस्व की है। अखिलेश युवाओं के सहारे दम ठोक रहे हैं तो मुलायम अपने अनुभव के दम पर गाड़ी हांक रहे हैं।अक्टूबर में शिवपाल और अखिलेश की अनबन के समय मुलायम ने सार्वजनिक रूप से कह दिया था कि वे शिवपाल का साथ नहीं छोड़ सकते। अक्टूबर में सपा की बैठक के दौरान मुलायम सिंह यादव ने साफ कहा था ‘अमर सिंह मेरे भाई हैं, उन्होंने पार्टी को मजबूत बनाने में बहुत मेहनत की है।’ मुलायम ने कहा कि उन्होंने अमर सिंह के सारे ‘पाप’ माफ कर दिए हैं। उन्होंने कहा, ”मैं अमर सिंह या शिवपाल को नहीं छोड़ सकता। अमर सिंह के सारे पाप माफ।” इसके बाद रामगोपाल को निकाल दिया गया था। लेकिन बाद में चुपचाप उनकी घर वापसी हो गई थी।
समाजवादी पार्टी से निकाले जाने के बाद अखिलेश यादव मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। सूत्रों के अनुसार अखिलेश यादव ने सीएम पद छोड़ने की तैयारी कर ली है। वे प्रेस कांफ्रेंस कर इसका एलान कर सकते हैं। साथ ही बताया जा रहा है कि मुलायम सिंह यादव खुद यूपी के नए सीएम हो सकते हैं। सरकार की कमान मुलायम को सौंपने के लिए शिवपाल यादव समेत कई वरिष्ठ नेता पैरवी कर रहे हैं। शिवपाल तो काफी पहले से ही अखिलेश को सीएम बनाए जाने पर नाराजगी जाहिर करते रहे हैं। इसी बीच एक पक्ष यह भी कह रहा है कि यह सारा मामला सपा की बड़ी रणनीति का एक हिस्सा भी हो सकता है। इसके जरिए सपा विधानसभा चुनावा जल्दी कराने की नीति को आगे बढ़ा सकती है। पिछले दिनों मुलायम ने खुद कहा था कि 28 फरवरी से पहले चुनाव करा लिए जाएंगे। वर्तमान स्थितियों में ऐसी स्थिति बन भी गइ है।वहीं कई लोगों को मानना है कि सपा इस झगड़े के सहारे सियासी फायदा बटोरना चाहती है। पिछले दिनों भी रामगोपाल को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था लेकिन फिर उनकी वापसी भी हो गई थी। उस समय भी मुलायम और अखिलेश आमने-सामने थे। उस समय मुलायम और अखिलेश यादव की अनबन सरेआम हो गई थी। लेकिन कुछ दिनों बाद ही दोनों ओर से शांति हो गई और मामला ठंडा पड़ गया था। सपा को जानने वाले लोगों ने कहा था कि यह पारिवारिक लड़ाई है। चाहे कितना भी झगड़ा हो जाए दोनों रहेंगे साथ ही। लड़ाई वर्चस्व की है। अखिलेश युवाओं के सहारे दम ठोक रहे हैं तो मुलायम अपने अनुभव के दम पर गाड़ी हांक रहे हैं।अक्टूबर में शिवपाल और अखिलेश की अनबन के समय मुलायम ने सार्वजनिक रूप से कह दिया था कि वे शिवपाल का साथ नहीं छोड़ सकते। अक्टूबर में सपा की बैठक के दौरान मुलायम सिंह यादव ने साफ कहा था ‘अमर सिंह मेरे भाई हैं, उन्होंने पार्टी को मजबूत बनाने में बहुत मेहनत की है।’ मुलायम ने कहा कि उन्होंने अमर सिंह के सारे ‘पाप’ माफ कर दिए हैं। उन्होंने कहा, ”मैं अमर सिंह या शिवपाल को नहीं छोड़ सकता। अमर सिंह के सारे पाप माफ।” इसके बाद रामगोपाल को निकाल दिया गया था। लेकिन बाद में चुपचाप उनकी घर वापसी हो गई थी।

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