मिस्र
भारत के साथ अपने संबंधों को ऊंचाइयों पर ले जाने का इच्छुक: अकबर
विदेश
राज्य मंत्री एमजे अकबर ने कहा कि मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अलसीसी मिस्र और
भारत के संबंधों को ऊंचाइयों पर ले जाने के इच्छुक हैं। अकबर ने अलसीसी से मुलाकात
की और इसे शानदार बताया। उन्होंने कहा, राष्ट्रपति अलसीसी की हमारे उन रिश्तों को काफी
ऊंचाइयों पर ले जाने की जबर्दस्त और ईमानदार इच्छा है, जो पहले से ही काफी अच्छे हैं। अल
आलामीन में बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के
तरीकों के साथ ही क्षेत्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की। अकबर ने
कहा कि दोनों देश न केवल सरकार से सरकार के स्तर पर, बल्कि लोगों के स्तर पर भी साझेदारी को
बढ़ाना चाहते हैं। मंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक
पत्र राष्ट्रपति अलसीसी को सौंपा है। पत्र में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में भारतीय
उम्मीदवार का समर्थन करने के लिए मिस्र का शुक्रिया अदा किया गया है। उन्होंने कहा,
यह संबंधों के
नवीकरण का पैगाम है और यह बताता है कि हम बहुपक्षीय तथा द्विपक्षीय मुद्दों पर
कैसे साथ मिलकर काम कर सकते हैं। अकबर ने रेखांकित किया कि भारत ने यूनेस्को के
महासचिव के लिए मिस्र के उम्मीदवार का समर्थन किया था। मंत्री ने यह भी कहा कि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति अलसीसी चार बार मिले हैं और उनके बीच
गहरी दोस्ती हो गई है। अलसीसी सितंबर-2016 में भारत आए थे। मिस्र की अपनी संक्षिप्त
यात्रा के दौरान अकबर ने आलामीन में भारतीय सैनिकों के समाधि स्थल पर पुष्पांजलि
अर्पित की और द्वितीय विश्व युद्ध में उनके बलिदान को याद किया।

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